Jairam Mahto Biography In Hindi
Jairam Mahto Biography In Hindi ! जयराम महतो का जीवन परिचय
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अपने छोटे से गाँव के सबसे ज्यादा पढ़े लिखे इंसान Jayram Mahto जी ही है | चुकी मानटांड जंगलो के बिच का गांव है, इसलिए यहाँ पर कई कमिया है जैसे सड़क, पढाई, नाला,घर इत्यादि लेकिन इतने सारे परेशानियों के बावजूद हमारे टाइगर जयराम महतो जी ने हार नहीं माना और पढाई करते रहे। उस गांव के अधिकतर लोग बेरोजगार है और वह के लोग जंगलो से ही अपना भरण पोसन करते है। जरा सोचिये जहा न ठीक से पानी , न बिजली और न स्कूल हो। कठिन परिस्थितियों के बावजूद टाइगर जयराम महतो ने आज PHD ENGLISH में BINOD BIHARI MAHTO UNIVERSITY से कर रहे है । आप सोचिये जारा आज के जमाने मे सारी सुविधा होने के बाद भी बहुत ऐसे छात्र् है की पढ़ना नही चाहते है । जयराम जी के पास कोई सुख सुविधा नही रहने के बाद भी परेशानियों का सामना करते हुए । अपनी पढ़ाई को पुरा किये पढ़ने वाले के पास लगन होना चाहिए । फिर वह कैसी भी परिस्थिति मे क्यो ना हो वह अपनी पढ़ाई पुरा कर हि लेता है , और जिनको जिनको नही पढ़ने को रहता है वह किसी भी हाल मे पढ़ेगा चाहे आप कितनो कोसिस कर लो वह नही पढ़ेगा ।
जयराम महतो का परिवार
जयराम जी के परिवार में कुल जुल मिलाकर चार लोग है। उनके माता जी , दादा जी और एक छोटा भाई है। जैसाकि आप लोग जानते होंगे की जयराम महतो जी के पिताजी एक आंदोलकारी थे जिसने झारखण्ड के आंदोलन में अपना जान गवा बैठे। जब जयराम महतो जी जन्म भी नहीं लिए थे तभी उनके पिता जी की मृत्यु हो गयी थी। उनके पिता जी के राह में खुद Jayram Mahto जी चल रहे है। Tiger Jayram Mahto जी के छोटा भाई खेती-बारी करता है।
जयराम महतो जी के माता जी को झारखण्ड सरकार की तरफ से 3000 रूपये मासिक पेंशन मिलता है। जैसा की आपलोग जानते होंगे टाइगर जयराम महतो के पिताजी लोगो के अधिकार के लिए लड़ते थे। आज खुद जयराम महतो झारखण्ड के लोगो के अधिकार के लिए लड़ रहे है |
पूरा नाम जयराम महतो
उपनाम टाइगर जयराम
जन्म 27 दिसंबर 1994
उम्र 29 वर्ष
जन्म स्थान तोपचांची, धनबाद, झारखंड
होमटाउन तोपचांची, धनबाद, झारखंड
पिता का नाम स्व. कृष्ण प्रसाद महतो
माता का नाम Update soon..
भाई का नाम Update soon..
धर्म हिंदू
जाति कुरमी
पार्टी का नाम झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति (JBKSS)
पार्टी का चिन्ह टाइगर
एजुकेशन Ph.D (English Hons.), बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद
भाषा खोरठा, हिंदी, इंग्लिश
जयराम महतो का नाम टाइगर कैसे पड़ा ? ( How did Jairam Mahto get the name tiger?
बचपन में जयराम महतो को क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था. उन्हें क्रिकेट खेलने बहुत
मजा आता था. जब वह क्रिकेट के मैदान पर होते थे तो पूरे दिल और दिमाग से क्रिकेट
खेलते थे। जयराम महतो अपने क्षेत्र के सबसे अच्छे फील्डर हुआ करते थे. वह युवराज
सिंह की तरह कैच पकड़ते थे. इसीलिए लोग जयराम महतो को टाइगर के नाम से बुलाने लगे
क्योंकि वह बाघ की तरह कैच पकड़ते थे।
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जयराम महतो कौन है और इतना फेमस कैसे हुवे – ( Who is Jairam Mahto and
how did he become so famous? )
धनबाद के तोपचाची के मैनाटांड़ में जन्मे जयराम महतो एक आम आदमी की तरह हैं,
जिन्होंने झारखंड की जनता के हक और अधिकार के लिए सरकार से लड़ाई लड़ी है. जयराम
महतो ने अंग्रेजी में पीएचडी की है. जयराम महतो अक्सर छात्रों के लिए आंदोलन करते
रहते हैं.
इस बार जब Second Lockdown हुवा उस समय झारखण्ड सरकार ने झारखण्ड के Exam में
बाहरी भाषा को जगह दे दिया और यहाँ के लोकल भाषा को जगह नही दिया | जैसे –
भोजपुरी . मगही इत्यादि वगेरा को झारखण्ड के JSSC EXAM में सामिल कर दिया गया
था | और आपको तो पता ही है की जयराम महतो शुरू से ही Students के लिए आन्दोलन
करते रहे है इसीलिए इस बार और जोरो सोरो से आन्दोलन शुरू किया इर रातो रातो
झारखण्ड के युवाओं के दिलो में राज करने लगे |
धीरे-धीरे जयराम महतो की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि पूरे झारखंड के लोग
उन्हें जानने लगे और उन्हें सभाओं में बुलाने लगे. और इस तरह से जयराम महतो
झारखंड के बच्चों, युवाओं और बूढ़ों के दिलों पर राज करने लगे.
अब जयराम महतो इतने मशहूर हो गये हैं कि बाहरी राज्यों से भी लोग उन्हें
भासन देने के लिए बुला रहे हैं.
जयराम महतो के गुरु – ( Jairam Mahto’s Guru)
कई लोग बचपन से ही जयराम महतो को अपना गुरु मानते हैं और उनके आदर्शों पर
भी चलते हैं. टाइगर जयराम महतो के कुछ आदर्श गुरु हैं – भगत सिंह, बिरसा
मुंडा, बिनोद बिहारी महतो आदि उनके आदर्श हैं।
दोस्तों मुझे उम्मीद है कि आप सभी को यह आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर आपको
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आर्टिकल कैसा लगा। इससे हमें प्रेरणा मिलती है
जयराम महतो कैसे बने छात्र नेता ?
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झारखंड सरकार ने 24 दिसंबर, 2021 को एक अधिसूचना जारी कर राज्य के 11
जयराम के नेतृत्व में एक ही दिन में 5 लाख से अधिक युवा और स्थानीय लोग
एक युवा और गतिशील नेता जो झारखंड के लोगों के लिए एक शक्तिशाली आवाज बनकर उभरे हैं। वह नई राजनीतिक पार्टी, झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति के संस्थापक हैं, और राज्य में 1932-आधारित अधिवास नीति के लिए चल रहे आंदोलन में एक अग्रणी व्यक्ति हैं
झारखंड चुनाव में उभरते नेता जयराम टाइगर महतो ने एनडीए का खेल बिगाड़ा
जेएलकेएम ने 25 निर्वाचन क्षेत्रों में एनडीए की हार सुनिश्चित की; जिन सीटों पर पार्टी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, उनमें से अधिकांश कुर्मी बहुल सीटें हैं, जिनकी आबादी कुल आबादी का 22% है
जेएलकेएम प्रमुख जयराम टाइगर महतो ने डुमरी में झारखंड मुक्ति मोर्चा को हराया, जो राज्य गठन के बाद से इसका गढ़ रहा है। फोटो: X/@जयराम टाइगर
झारखंड में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पार्टी प्रमुख श्री जयराम महतो ने डुमरी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को हराया, जो राज्य के गठन के बाद से इसका गढ़ रहा है। उन्होंने मौजूदा मंत्री बेबी देवी को हराया, जिन्होंने अपने पति जगरनाथ महतो के निधन के बाद हुए उपचुनाव में सीट जीती थी। डुमरी में, श्री जयराम महतो ने 94,496 वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी को 10,945 वोटों के अंतर से हराया।
बेरमो में जयराम महतो दूसरे स्थान पर रहे। उनके मुकाबले में होने के कारण भाजपा प्रत्याशी व पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस प्रत्याशी कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने 90,246 वोट पाकर जीत दर्ज की, जबकि जयराम महतो को 60,871 और भाजपा प्रत्याशी को 58,352 वोट मिले।







Great
ReplyDeleteThank you
ReplyDeleteGOOD JOB
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