Colonel Sofiya Qureshi Biography in hindi

     Colonel Sofiya Qureshi                Biography In Hindi  

कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक प्रतिष्ठित महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने कार्यों और नेतृत्व क्षमता से न केवल सेना में बल्कि देशभर में भी पहचान बनाई है। उनका जन्म 18 अप्रैल 1981 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद कुरैशी एक सिविल इंजीनियर हैं और मां अमीना कुरैशी गणित की प्रोफेसर हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से प्राप्त की और बाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

सैन्य शिक्षा और करियर

अपने करियर की शुरुआत में, उन्होंने जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्वी भारत में काउंटर-इंसर्जेंसी अभियानों में भाग लिया। 2001 में, उन्होंने भारतीय सेना के पहले मोबाइल डिजिटल संचार नेटवर्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2008 में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, उन्होंने सिग्नल इंटेलिजेंस विंग, आर्मी मुख्यालय में आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य किया। 

अपने करियर की शुरुआत में, उन्होंने जम्मू-कश्मीर और उत्तर-पूर्वी भारत में काउंटर-इंसर्जेंसी अभियानों में भाग लिया। 2001 में, उन्होंने भारतीय सेना के पहले मोबाइल डिजिटल संचार नेटवर्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2008 में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, उन्होंने सिग्नल इंटेलिजेंस विंग, आर्मी मुख्यालय में आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य किया। 

संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन

2016 में, कर्नल कुरैशी ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र मिशन (MONUSCO) में 500 से अधिक भारतीय सैनिकों की कमान संभाली। वह इस मिशन में भारतीय सेना की महिला अधिकारी के रूप में पहली बार एक पूर्ण पुरुषों के दस्ते की कमान संभालने वाली अधिकारी बनीं। उनकी यूनिट ने नॉर्थ किवु क्षेत्र में शांति बनाए रखने, निरस्त्रीकरण और मानवीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

साइबर डिफेंस और रणनीतिक नेतृत्व

2017 में, उन्हें भारतीय सेना के साइबर डिफेंस कमांड में ब्रिगेडियर और उप निदेशक जनरल के रूप में नियुक्त किया गया। यहां उन्होंने भारत की सैन्य साइबर नीति को परिभाषित करने, साइबर प्रशिक्षण रेंज विकसित करने और खतरों की पहचान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।  
2022 में, उन्हें मेजर जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया और उन्होंने स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस डिवीजन की कमान संभाली, जहां उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और साइबर ऑपरेशंस के एकीकरण की दिशा में कार्य किया। 






2025 में, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर की गई सटीक हवाई हमलों की योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऑपरेशन सिंदूर का चेहरा बनी गुजरात मूल की कर्नल सोफिया कुरैशी के पिता व दादा भी सेना में रह चुके हैं। सोफिया के पिता ताजुद्दीन कुरैशी का कहना है कि पढ़ाई के दौरान ही एक दिन सोफिया ने कहा कि सेना में अभी हमारे परिवार से कोई नहीं है तो क्यों नहीं मैं शामिल हो जाऊं। सोफिया की बहन सायना नेशनल कैडेट कोर एनसीसी में फायरिंग गोल्ड मेडलिस्ट है

पाकिस्तान में आतंकी अड्डों को नष्ट करने वाली भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर का चेहरा बनी गुजरात मूल की कर्नल सोफिया कुरैशी के पिता व दादा भी सेना में रह चुके हैं। उनके माता-पिता ने बेटी पराक्रम पर गर्व जताते हुए कहा कि उसने देश के लिए कुछ किया है। बचपन में सोफिया सेना के पराक्रम की कहानी सुना करती थी, आज खुद पराक्रम कर दिया।

कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना के सिग्नल कॉर्प्स में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो अपनी पेशेवर उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया 

पुरस्कार और सम्मान

कर्नल सोफिया कुरैशी को उनके उत्कृष्ट सेवा के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें शामिल हैं:

विशेष सेवा पदक (Special Service Medal)

ऑपरेशन विजय पदक (Operation Vijay Medal)

ऑपरेशन पराक्रम पदक (Operation Parakram Medal)

सैन्य सेवा पदक (Sainya Seva Medal)

विदेश सेवा पदक (Videsh Seva Medal)

75वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पदक (75th Independence Anniversary Medal)

20 वर्षों की लंबी सेवा पदक (20 Years Long Service Medal)

9 वर्षों की लंबी सेवा पदक (9 Years Long Service Medal)

संयुक्त राष्ट्र पदक (United Nations Medal)


प्रेरणा और संदेश

कर्नल सोफिया कुरैशी का जीवन यह दर्शाता है कि समर्पण, मेहनत और नेतृत्व क्षमता से कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने हमेशा महिलाओं को सेना में शामिल होने और देश सेवा की प्रेरणा दी है। उनका कहना है, "सेना जॉइन करिए" — यह संदेश हर युवा महिला के लिए एक प्रेरणा है।
आज तक


कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक प्रेरणादायक महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने अपने कार्यों और नेतृत्व से यह सिद्ध कर दिया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उनकी उपलब्धियाँ भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और समान अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।



सोफिया के पिता ताजुद्दीन कुरैशी का कहना है कि पढ़ाई के दौरान ही एक दिन सोफिया ने कहा कि सेना में अभी हमारे परिवार से कोई नहीं है तो क्यों नहीं मैं शामिल हो जाऊं। सोफिया की बहन सायना नेशनल कैडेट कोर एनसीसी में फायरिंग गोल्ड मेडलिस्ट हैं तथा वजन कम होने के कारण वह सेना में नहीं जा सकीं, लेकिन सोफिया का चयन हो गया।  पिता कहते हैं, भारत सरकार ने बेटी को एक शानदार मौका दिया, हमारा मकसद पूरा हुआ। बेटी ने देश के लिए कुछ किया,






सोफिया की मा मां अलीमा का कहना है कि बेटा हो या बेटी दोनों समान होते हैं, बेटी के पराक्रम से सिर गर्व से ऊंचा हो गया। सोफिया को पिता सेना के पराक्रम की कहानियां सुनाया करते थे आज सोफिया ने खुद एक महान पराक्रम कर बताया। सोफिया का बेटा समीर वायुसेना में भर्ती की तैयारी कर रहा है, वहीं भतीजी सायरा भी सेना में शामिल होना चाहती है। भाई संजय कुरैशी बताते हैं कि आज खुशी बयां नहीं कर सकता, सीना चौड़ा हो गया, जैसे दुनिया जीत ली।






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